धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में एक लाख से पांच लाख रुपये वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों की पूरी ट्यूशन फीस माफ करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। शुक्रवार को हुई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। वर्तमान व्यवस्था के तहत इस आय वर्ग के विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस का दो-तिहाई हिस्सा केंद्र सरकार वहन करती है, जबकि शेष एक-तिहाई राशि छात्रों या उनके अभिभावकों को जमा करनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह राशि भी संस्थान की ओर से दी जाएगी।


इस योजना के लिए आईआईटी (आईएसएम) एक विशेष एंडोमेंट फंड बनाएगा। इसमें संस्थान के पूर्व छात्रों से मिलने वाली दान और सहयोग राशि जमा की जाएगी। इसी फंड से पात्र विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस के बचे हुए एक-तिहाई हिस्से का भुगतान किया जाएगा। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास में भी आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की व्यवस्था है।
आईआईटी (आईएसएम) के रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने बताया कि बीओजी की बैठक में पात्र विद्यार्थियों की फीस के शेष हिस्से का भुगतान संस्थान की ओर से करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करना और उनकी पढ़ाई को निर्बाध बनाए रखना है।
बैठक की अध्यक्षता बीओजी के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत ने की। बैठक में संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय समेत बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

