एफटीएस युवा की संडे स्कूल में बच्चों को रथयात्रा का महत्व बताया, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास

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जमशेदपुर: एफटीएस युवा द्वारा संचालित नियमित संडे स्कूल के तहत शबरी बस्ती में रविवार को बच्चों के लिए भगवान जगन्नाथ और रथयात्रा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर आधारित विशेष शिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना था।

कार्यक्रम में एफटीएस युवा के अध्यक्ष सौरभ सोंथालिया उपस्थित रहे। सत्र की शुरुआत पायल मुंका के नेतृत्व में तीन बार ‘ॐ’ के उच्चारण के साथ हुई, जिससे सकारात्मक और शांत वातावरण का निर्माण हुआ।

सत्र के दौरान बच्चों को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रथयात्रा पर आधारित एक लघु वीडियो भी दिखाया गया, जिसके बाद बच्चों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सही उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

बच्चों को बताया गया कि भगवान जगन्नाथ, भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप हैं, जबकि भगवान बलभद्र उनके बड़े भाई और देवी सुभद्रा उनकी बहन हैं। प्रत्येक वर्ष तीनों देवता भव्य रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर की यात्रा करते हैं, जिसे रथयात्रा के रूप में मनाया जाता है।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि रथयात्रा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, समानता, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सामूहिक रूप से रथ खींचने की परंपरा समाज में एकता और मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर बच्चों के लिए मास्क मेकिंग गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के आकर्षक मास्क बनाए। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच अल्पाहार वितरित किया गया।

एफटीएस युवा ने बताया कि संडे स्कूल के माध्यम से बच्चों को नियमित शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।