उत्पाद विभाग के गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता देने का मुख्यमंत्री का निर्देश

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिलों में बनने वाले उत्पाद विभाग के गोदामों के निर्माण कार्य में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता दी जाए तथा उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना और निर्माण कार्यों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में विभाग की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर नया रिकॉर्ड बनाया।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को 4,500 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जुलाई 2026 के मध्य तक विभाग 1,376 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का लगभग 30.57 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संग्रह की गति बनाए रखने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय समुदाय की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।