जमशेदपुर में झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षकेतर कर्मचारियों से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर राज्यपाल सह कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के महासचिव विश्वंभर यादव ने 8 सितंबर 2026 को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों के मामलों में जल्द कार्रवाई की मांग की।


महासंघ के अनुसार, विश्वविद्यालय के पूर्व इंटरमीडिएट सेक्शन में करीब 10 से 15 वर्षों से कार्यरत गैर-शिक्षकेतर कर्मचारी अब सेक्शन बंद होने के बाद नौकरी और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। संगठन ने उनके लंबे अनुभव और सेवा को देखते हुए विश्वविद्यालय के अन्य उपयुक्त विभागों व कार्यालयों में समायोजित करने की मांग की है।
महासंघ ने बताया कि इस संबंध में 21 अप्रैल को रजिस्ट्रार और 25 मई को कुलपति को आवेदन दिया गया था। 29 जुलाई को कुलपति को फिर स्मरण पत्र दिया गया।
इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को नियम के अनुसार ACP और MACP का लाभ देने, पुनर्गठित पदों के अनुरूप कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ ने झारखंड वित्त विभाग के 17 फरवरी 2026 के आदेश संख्या 478 को महिला विश्वविद्यालय में तत्काल लागू करने की मांग की। संगठन ने राज्यपाल सह कुलाधिपति से हस्तक्षेप कर आवश्यक निर्देश जारी कराने की अपील की है।

