झारखंड सरकार ने वर्ष 2029 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रांची में आयोजित राष्ट्रीय टास्क फोर्स की दो दिवसीय बैठक में देशभर के टीबी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया और टीबी उन्मूलन से जुड़ी रणनीतियों, चुनौतियों तथा नए शोध पर चर्चा की।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच, दवा और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही इलाज के दौरान प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह 1000 रुपये की पोषण सहायता भी दी जा रही है।
राज्य में चल रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 1.36 लाख से अधिक लोगों की एक्स-रे आधारित स्क्रीनिंग की जा चुकी है। टीबी से स्वस्थ हो चुके मरीजों को ‘टीबी चैंपियन’ के रूप में जागरूकता अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि समाज में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। इसके साथ ही रांची को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है और आरआईएमएस-2 परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को बढ़ावा देकर मरीजों को बेहतर और तेज इलाज उपलब्ध कराना है, जिससे झारखंड को एक मजबूत स्वास्थ्य ढांचे वाला राज्य बनाया जा सके।

