झारखंड सरकार ने राज्य गठन आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा जारी प्रावधानों के अनुसार, चिन्हित आंदोलनकारियों को आजीवन पेंशन प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, आंदोलनकारी के निधन के बाद उनके आश्रितों में से एक व्यक्ति को भी पेंशन का लाभ मिलता रहेगा।


उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 8,659 आंदोलनकारियों की पहचान की जा चुकी है। आंदोलन के दौरान जेल में बिताई गई अवधि के आधार पर पेंशन राशि निर्धारित की गई है। तीन महीने से कम अवधि तक जेल में रहने वाले आंदोलनकारियों को प्रतिमाह 3,500 रुपये, तीन से छह महीने तक जेल में रहने वालों को 5,000 रुपये तथा छह महीने से अधिक अवधि तक जेल में रहने वालों को 7,000 रुपये प्रतिमाह सम्मान पेंशन दी जाएगी।
हाल के दिनों में आंदोलनकारियों ने सम्मान पेंशन में वृद्धि, सरकारी मान्यता और परिवार के सदस्यों को रोजगार देने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया था। आंदोलनकारी संगठनों और सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद इस दिशा में पहल तेज हुई है।
राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उसकी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से सरकार ने सम्मान पेंशन योजना के तहत आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए हैं।

