झारखंड हाईकोर्ट ने जोन्हा फॉल के निकट मसरीजारा से हेसलाबेड़ा तक प्रस्तावित पक्की सड़क निर्माण परियोजना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने रेलवे को सड़क निर्माण के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जल्द जारी करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की गई है।


मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने रेलवे को सड़क के लेआउट प्लान पर शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक NOC जारी करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि प्रस्तावित सड़क का विस्तृत लेआउट प्लान तैयार कर रेलवे को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
हाईकोर्ट ने सड़क की चौड़ाई को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि जोन्हा फॉल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसलिए सड़क की चौड़ाई कम से कम 8 मीटर होनी चाहिए, ताकि दो बड़े वाहन आसानी से आवागमन कर सकें और भविष्य में जाम की समस्या उत्पन्न न हो।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पहले 5 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण का प्रस्ताव था, जिस पर रेलवे ने अपने क्षेत्र में 5 से 6 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के लिए सैद्धांतिक सहमति दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शेष चौड़ाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, ताकि सड़क की कुल चौड़ाई 8 मीटर बनी रहे।
माना जा रहा है कि सड़क निर्माण परियोजना पूरी होने के बाद जोन्हा फॉल और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

