झारखंड: छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे चंपाई सोरेन, परीक्षा विवाद पर सरकार को घेरा

Spread the love

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और BJP नेता चंपाई सोरेन ने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह मानती है कि पुलिस और लाठी के बल पर युवाओं की आवाज दबाई जा सकती है, तो यह बड़ी भूल है। युवाओं के आक्रोश को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

चंपाई सोरेन ने अपने बयान में देश में लगाए गए आपातकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि विरोध और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश के बावजूद जनआक्रोश खत्म नहीं हुआ और बाद में जनता ने सरकार को सत्ता से हटा दिया।

उन्होंने राजस्थान में 2021 के SI भर्ती परीक्षा विवाद का उदाहरण देते हुए झारखंड में JPSC और JSSC CGL से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। चंपाई ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर पहले CBI जांच से इनकार किया और आंदोलन खत्म कराने के लिए आश्वासन दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में छात्रों के दोबारा सड़क पर उतरने पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। चंपाई सोरेन ने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद, निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई से होना चाहिए, दमन से नहीं।