रांची: झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 में विश्वविद्यालयों की परीक्षा, रिजल्ट और नामांकन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। नए नियमों का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों में होने वाली अनावश्यक देरी से राहत देना और व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है।


अधिनियम के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अगले वर्ष का परीक्षा कैलेंडर जारी करना होगा। तय समय पर परीक्षा नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को 30 दिनों के भीतर देरी का कारण बताते हुए राज्य सरकार को रिपोर्ट देनी होगी।
रिजल्ट जारी करने के लिए भी समयसीमा निर्धारित की गई है। अंतिम परीक्षा समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर परिणाम जारी करने का प्रयास करना होगा। किसी भी स्थिति में रिजल्ट 45 दिनों से अधिक लंबित नहीं रखा जा सकेगा। 45 दिन बाद भी परिणाम जारी नहीं होने पर परीक्षा नियंत्रक को कुलपति के माध्यम से राज्य सरकार को रिपोर्ट देनी होगी।
नामांकन में मेरिट के साथ राज्य की आरक्षण नीति का पालन अनिवार्य होगा। वैध कारण के बिना किसी छात्र का प्रवेश रोका नहीं जा सकेगा। शिकायतों के समाधान के लिए Student Grievance Redressal Committee का भी प्रावधान किया गया है।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रतिनिधित्व के लिए छात्रों का चयन Open Merit Competition के आधार पर किया जाएगा।

