कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के खाते फ्रीज होने के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के भीतर इस मामले को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है और मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस घटनाक्रम से पार्टी नेतृत्व और कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच भरोसे को लेकर असहज स्थिति पैदा हुई है।


मामले को लेकर विपक्ष भी लगातार तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहा है। वहीं, पार्टी के नेताओं का कहना है कि संगठनात्मक और वित्तीय मामलों की समीक्षा की जा रही है तथा स्थिति को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस मुद्दे ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और विभिन्न स्तरों पर इसकी चर्चा जारी है।
फिलहाल खाते फ्रीज होने से जुड़े पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारी तय करने के सवाल पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। पार्टी नेतृत्व की ओर से मामले पर नजर बनाए रखी गई है, जबकि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्ट तस्वीर सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

