जमशेदपुर स्थित National Institute of Technology Jamshedpur के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एएनआरएफ समर्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज एंड मैटेरियल्स इन सिविल इंजीनियरिंग (SPMCE 2026)” का भव्य शुभारंभ हुआ। हाइब्रिड मोड में आयोजित यह सम्मेलन टिकाऊ, शून्य-अपशिष्ट एवं पर्यावरण संतुलन आधारित अवसंरचना विकास जैसे वैश्विक विषयों पर केंद्रित है। उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं प्रसिद्ध गायिका निबेदिता मंडल की सरस्वती वंदना से हुई।


आयोजन सचिव डॉ. सुभदीप मेत्या ने बताया कि सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली है, जिसमें कठोर डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू प्रक्रिया के बाद 232 शोधपत्रों का चयन किया गया, जिन्हें 21 समानांतर तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किया जाएगा। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रह्लाद प्रसाद ने संस्थान की उन्नत अनुसंधान गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक ने पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्रियों पर अपने विचार रखे, जबकि निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधर ने अनुसंधान और औद्योगिक जरूरतों के बीच समन्वय पर बल दिया।
सम्मेलन के पहले दिन दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों का साक्षी बना—नवस्थापित “सस्टेनेबल जियोटेक्निक्स लैब (SG Lab)” का उद्घाटन तथा “लीगेसी ट्रिब्यूट सेशन” का आयोजन, जिसमें प्रो. आर. पी. सिंह और प्रो. ए. के. एल. श्रीवास्तव के चार दशकों के शैक्षणिक योगदान को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर Tata Steel UISL के प्रबंध निदेशक अतुल कुमार भटनागर एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में Indian Institute of Technology Kanpur के प्रो. अनिमेष दास, Indian Institute of Engineering Science and Technology Shibpur के प्रो. सुब्रत चक्रवर्ती तथा कोरिया मैरीटाइम एंड ओशन यूनिवर्सिटी के प्रो. दीपक जाधव ने व्याख्यान दिए। दिन का समापन जमशेदपुर के Radisson Hotel Jamshedpur में आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं नेटवर्किंग डिनर के साथ हुआ।

