दलित ईसाइयों को SC दर्जे की मांग पर तेज हलचल, बालकृष्णन आयोग से मिले BRS-YSRCP प्रतिनिधि, बढ़ी बहस

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नई दिल्ली : दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा देने की मांग को लेकर देश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर भारत राष्ट्र समिति (BRS) और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रतिनिधिमंडलों ने न्यायमूर्ति के. बालकृष्णन आयोग से मुलाकात कर अपनी-अपनी दलीलें और ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधियों ने दलित ईसाइयों के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन का हवाला देते हुए उन्हें SC सूची में शामिल करने की मांग रखी।

जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष कहा कि धर्म परिवर्तन के बावजूद दलित समुदाय के लोगों के साथ सामाजिक भेदभाव की स्थिति कई जगहों पर बनी रहती है। इसलिए उन्हें SC आरक्षण और संवैधानिक सुरक्षा के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। इस दौरान आयोग ने विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों और दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया।

यह आयोग केंद्र सरकार द्वारा गठित किया गया है, जो इस विषय पर सामाजिक, संवैधानिक और नीतिगत पहलुओं की जांच कर रहा है। मामले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की राय सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है.