कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ते असंतोष और नेताओं के लगातार अलग होने की घटनाओं ने पार्टी नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्टों में सवाल उठाया है कि क्या ममता बनर्जी की पार्टी पर पहले जैसी पकड़ कमजोर पड़ रही है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच कई सांसदों और नेताओं के रुख ने पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।


रिपोर्टों में कहा गया है कि चुनावी झटकों के बाद टीएमसी के भीतर गुटबाजी और असहमति खुलकर सामने आई है। कुछ नेताओं के इस्तीफे, बागी खेमे की सक्रियता और पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान को ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इन घटनाओं का असर पार्टी की संगठनात्मक मजबूती पर पड़ सकता है।

