Jamtara: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले जी. के. पैलेस में शनिवार से दो दिवसीय सातवें राज्यस्तरीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन में महासंघ के पदाधिकारियों और राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष रखी गई 25 सूत्री मांगों पर विस्तार से मंथन किया।


सम्मेलन में महासंघ के अखिल भारतीय महासचिव राजीव डिबरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए संगठन की मांगों को मजबूती से उठाया।
मीडिया से बातचीत में राजीव डिबरी ने कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारियों और श्रमिकों के अधिकारों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लागू किए गए श्रम संहिता (लेबर कोड) से श्रमिकों के हित प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने मनरेगा जैसी रोजगार योजनाओं और देश की खनिज संपदा से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं, श्रमिक अधिकारों और संगठन की 25 सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। सम्मेलन का समापन रविवार को विभिन्न प्रस्तावों और आगामी रणनीति के साथ होगा।

