बोकारो: बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के कटवारी गांव निवासी प्रवासी मजदूर सत्येंद्र महतो का पार्थिव शरीर बुधवार को लगभग एक माह बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। एंबुलेंस से शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।


परिजनों के अनुसार, सत्येंद्र महतो 26 नवंबर 2024 को रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे, जहां वे Hamad Saleh Al-Kaf Contracting Establishment कंपनी में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे। 25 जून 2026 को सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। विदेश से शव लाने की कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक माह का समय लग गया।
मृतक अपने पीछे पत्नी, 21 वर्षीय बेटी प्रीति कुमारी, बड़े बेटे अरविंद और 13 वर्षीय बेटे मंगेश को छोड़ गए हैं। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और परिजनों को सांत्वना दी।
प्रवासी मजदूरों के अधिकारों के लिए कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कहा कि विदेश में मृत श्रमिकों के शव भारत लाने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और समय लेने वाली है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी परिस्थितियों में पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश लाने की व्यवस्था को सरल और तेज बनाया जाए।

