जमशेदपुर: टाटा स्टील कर्मचारियों के वार्षिक बोनस को लेकर हलचल तेज हो गई है। कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बोनस को लेकर औपचारिक वार्ता अगस्त माह में शुरू होने की संभावना है। दोनों पक्षों का प्रयास है कि विश्वकर्मा पूजा और दुर्गा पूजा से पहले बोनस समझौता अंतिम रूप ले, ताकि कर्मचारियों को समय पर इसका लाभ मिल सके।


सूत्रों के अनुसार, टाटा वर्कर्स यूनियन ने वार्ता शुरू करने के लिए प्रबंधन को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। अब प्रबंधन की ओर से बैठक के निमंत्रण का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह में बातचीत शुरू हो सकती है। पिछले वर्ष 28 अगस्त 2025 को बोनस समझौता हुआ था, इसलिए इस बार भी अगस्त के अंतिम सप्ताह तक समझौते का लक्ष्य रखा गया है।
हाल ही में हुए वेज रिवीजन के बाद कर्मचारियों की इस बार बेहतर बोनस की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पिछले वर्ष 11,446 कर्मचारियों के बीच 303.12 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया था, जिसमें अधिकतम 1,10,547 रुपये और न्यूनतम 39,004 रुपये बोनस मिला था।
टाटा स्टील का बोनस केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर जमशेदपुर के ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और खुदरा बाजार पर भी पड़ता है। यही वजह है कि बोनस वार्ता पर पूरे औद्योगिक क्षेत्र और शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

