कोलकाता :भारत-बांग्लादेश सीमा पर चल रहे ‘ऑपरेशन पुशबैक’ का असर अब नो-मैन्स लैंड तक दिखने लगा है, जहां कई कथित घुसपैठिए फंस गए हैं। सीमा पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बीच यह स्थिति बनी है, जिसमें लोगों को न तो भारत में प्रवेश मिल रहा है और न ही बांग्लादेश में स्वीकार किया जा रहा है। इस वजह से कई लोग जीरो प्वाइंट और नो-मैन्स लैंड के बीच अटक गए हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की गई है। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सीमा पार भेजे जाने की कोशिश हुई, लेकिन बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल (BGB) की ओर से कई मामलों में उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद स्थिति और जटिल हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, कई लोग पिछले कुछ दिनों से नो-मैन्स लैंड में फंसे हुए हैं और उन्हें भोजन, आश्रय और सुरक्षित स्थान को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और BGB के बीच समन्वय के जरिए इस स्थिति को सुलझाने की कोशिशें जारी हैं, जबकि होल्डिंग सेंटर्स में रखे गए लोगों की संख्या भी सैकड़ों में बताई जा रही है।

