कोलकाता :पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी लाइब्रेरी से ममता बनर्जी द्वारा लिखी गई किताबों को हटाने की घोषणा की है। राज्य के नवनियुक्त शिक्षा और पुस्तकालय मंत्री गौरी शंकर घोष ने कहा कि जिन किताबों को “गंभीर साहित्य” की श्रेणी में नहीं माना जाता, उन्हें लाइब्रेरी संग्रह से बाहर किया जाएगा।मंत्री के अनुसार, इन किताबों को हटाकर उनकी जगह राष्ट्रीय विचारधारा, विज्ञान और बंगाली साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों को शामिल किया जाएगा। इस फैसले के बाद राज्य की पुस्तकालय नीति में बड़े बदलाव की बात कही जा रही है, जिससे राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।


इस कदम को लेकर सियासी हलकों में विवाद बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि यह निर्णय राजनीतिक आधार पर लिया गया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि पुस्तकालयों में गुणवत्ता और चयन को बेहतर बनाने के लिए यह जरूरी कदम है। मामले ने राज्य में नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है।

