रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर कहा कि झारखंड की संस्कृति, परंपरा और यहां के लोगों के साथ काम करना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद केवल संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखने का दायित्व भी है, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाने का प्रयास किया है।


राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा, युवा, किसान, महिला और समाज के वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे उनकी प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन को जनता से संवाद का मंच बनाने का प्रयास किया गया, ताकि यह केवल संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान का माध्यम भी बने।
राज्यपाल ने झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया तथा सभी कुलपतियों और शिक्षकों से मिलकर झारखंड को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता का केंद्र बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के दो वर्षों के कार्यों और पहलों पर आधारित पुस्तक ‘संवाद से विश्वास’ का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा तथा झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अभय कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

