रांची: पश्चिमी सिंहभूम के IED ब्लास्ट मामले में आरोपी मंगल मुंडा की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। CPI-Maoist से कथित संबंध और सुरक्षा बलों पर हमले से जुड़े इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा।


पांच साल से अधिक समय से जेल में है आरोपी
सुनवाई के दौरान मंगल मुंडा की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आरोपी पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद है। मामले में कुल 97 गवाह हैं और सभी की गवाही पूरी होने में लंबा समय लग सकता है। इसी आधार पर आरोपी की ओर से जमानत देने का आग्रह किया गया।
NIA ने गवाहों और आरोपों का दिया हवाला
NIA की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। NIA ने बताया कि मामले में 97 गवाह हैं, जिनमें से 45 की गवाही पूरी हो चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, मंगल मुंडा पर CPI-Maoist के सशस्त्र कैडरों के संपर्क में रहने का आरोप है।
NIA का आरोप है कि मंगल मुंडा उनके कहने पर IED बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के पाइप उपलब्ध कराता था और उसे इस बात की जानकारी थी कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले के लिए किया जाना है।
4 मार्च 2021 को हुआ था IED विस्फोट
मामला पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो थाना कांड संख्या 09/2021 से जुड़ा है। 4 मार्च 2021 को लांजी पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान IED विस्फोट हुआ था। घटना में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
बाद में गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी करने के बाद NIA ने 7 सितंबर 2021 को चार्जशीट दाखिल की, जिसमें मंगल मुंडा को आरोपी संख्या 9 बनाया गया। अब उसकी जमानत पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।

