रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को गंभीर मामला बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की मांग की है।


भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर में अशांति का माहौल बनाने का प्रयास किया तथा राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस संभावित हार की आशंका से घबराई हुई है और इसी कारण दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचित पदाधिकारियों पर दबाव बनाने, हंगामा खड़ा करने और संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया नियमों के तहत संचालित हो रही है, तब इस प्रकार का विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के विपरीत है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को न तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा है और न ही संवैधानिक संस्थाओं पर। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रिटर्निंग अधिकारी नियमों के अनुरूप प्रक्रिया का संचालन कर रहे हैं, तो कांग्रेस दबाव की राजनीति क्यों कर रही है।
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर खरीद-फरोख्त और दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने झारखंड के स्थानीय नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर ऐसे उम्मीदवार को आगे बढ़ाया है, जिसका राज्य से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन उन्हें विधानसभा परिसर के बाहर ही रोक दिया गया, जबकि कांग्रेस नेताओं को परिसर के भीतर प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई।
हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंड की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

