रांची में ₹1.65 करोड़ की कथित रिश्वत से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने M/s Zeal India Chemicals के मालिक अजय जालान को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने उनकी ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।


अजय जालान ने PMLA कोर्ट के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके अलावा उन्होंने PMLA कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया को भी चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
मामला MECON के मेटलर्जिकल विंग से जुड़े कार्यादेशों का है। आरोप है कि वहां तैनात वरिष्ठ प्रबंधक यूएन मंडल ने अपने पद का कथित दुरुपयोग करते हुए दो कंपनियों को काम के आदेश जारी किए। इनमें चेन्नई की शिवा मशीन टूल और रांची की Zeal India Chemicals शामिल हैं।
आरोप के अनुसार, दोनों कंपनियों को काम दिलाने के बदले MECON के वरिष्ठ प्रबंधक ने ₹1.65 करोड़ की कथित रिश्वत ली थी।
CBI ने इस मामले में 30 अक्टूबर 2017 को FIR दर्ज की थी। इसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की।
हाईकोर्ट में ED की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट के फैसले के बाद PMLA कोर्ट में अजय जालान के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगी है।

