लखनऊ :सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी और निर्देशों पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संजय प्रसाद के खिलाफ कुछ सख्त अवलोकन किए थे और उनके मामले को आगे मूल्यांकन के लिए केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन टिप्पणियों और निर्देशों को फिलहाल स्थगित कर दिया है।


मामले में संजय प्रसाद ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें हाईकोर्ट की आपत्तिजनक टिप्पणियों और संबंधित प्रक्रियात्मक निर्देशों पर रोक लगाई गई है। इससे पहले हाईकोर्ट ने उनके कार्य व्यवहार और जांच प्रक्रिया से जुड़े कुछ पहलुओं पर गंभीर टिप्पणी की थी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद हाईकोर्ट की टिप्पणियों का प्रभाव रोक दिया गया है और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। इस निर्णय को प्रशासनिक हलकों में एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत के रूप में देखा जा रहा है।

